हिंदी व्याकरण में विशेषण (Visheshan) एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। जब हम किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव की विशेषता, गुण, संख्या, मात्रा या अवस्था के बारे में बताते हैं, तब हम विशेषण का प्रयोग करते हैं। यदि भाषा में विशेषण न हों, तो हमारे वाक्य सामान्य और कम प्रभावशाली लगेंगे। उदाहरण के लिए, “यह फूल है” की तुलना में “यह सुंदर फूल है” अधिक स्पष्ट और आकर्षक लगता है। यहाँ सुंदर शब्द फूल की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह विशेषण है।
स्कूल परीक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा दैनिक जीवन में सही और प्रभावी भाषा के लिए विशेषण की परिभाषा, विशेषण के भेद और विशेषण के उदाहरण समझना आवश्यक है। इस लेख में आप विशेषण से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी सरल भाषा में जानेंगे।
Visheshan Kise Kahate Hain – विशेषण किसे कहते हैं?
विशेषण (Visheshan) वह विकारी शब्द होता है जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता, गुण, संख्या, मात्रा, अवस्था अथवा संकेत का बोध कराता है।
Visheshan Ki Paribhasha
विशेषण की परिभाषा:- जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, उन्हें विशेषण (Visheshan) कहते हैं।
उदाहरण
- राम एक ईमानदार लड़का है।
- मेरे पास तीन किताबें हैं।
- यह सुंदर बगीचा है।
- उसने थोड़ा पानी पिया।
ऊपर दिए गए उदाहरणों में ईमानदार, तीन, सुंदर और थोड़ा शब्द विशेषण हैं क्योंकि ये संज्ञा की विशेषता या संख्या बता रहे हैं।
विशेषण की पहचान कैसे करें? – Visheshan Pechanne Ka Tarika
कई विद्यार्थियों के मन में प्रश्न आता है कि विशेषण की पहचान कैसे करें। इसे पहचानने के लिए निम्न बातों पर ध्यान दें।
- जो शब्द किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान का गुण बताए।
- जो संख्या या क्रम बताए।
- जो मात्रा का बोध कराए।
- जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता स्पष्ट करे।
उदाहरण
- लंबा पेड़
- मीठा आम
- पाँच विद्यार्थी
- कुछ लोग
- यह पुस्तक
इन सभी उदाहरणों में पहला शब्द दूसरे शब्द की विशेषता या संख्या बता रहा है, इसलिए ये विशेषण हैं।
Visheshan Ke Bhed – विशेषण के भेद
हिंदी व्याकरण में मुख्य रूप से विशेषण (Visheshan) के चार प्रमुख भेद माने जाते हैं।
- गुणवाचक विशेषण
- संख्यावाचक विशेषण
- परिमाणवाचक विशेषण
- सार्वनामिक विशेषण
अब प्रत्येक प्रकार को विस्तार से समझते हैं।
1. गुणवाचक विशेषण
जो विशेषण किसी संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, आकार, रूप, स्वभाव या अवस्था का बोध कराते हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं।
उदाहरण
- सुंदर लड़की
- मीठा आम
- ऊँचा पर्वत
- बुद्धिमान छात्र
- ईमानदार कर्मचारी
- तेज घोड़ा
- ठंडा पानी
- बड़ा घर
- छोटा बच्चा
- हरा पेड़
वाक्य
- मोहन एक मेहनती विद्यार्थी है।
- यह लाल गुलाब बहुत सुंदर है।
- गंगा का जल पवित्र माना जाता है।
यहाँ मेहनती, लाल और पवित्र शब्द गुणवाचक विशेषण हैं।
2. संख्यावाचक विशेषण
जो विशेषण किसी संज्ञा की संख्या या क्रम बताते हैं, उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं।
इसके तीन प्रमुख प्रकार हैं।
(क) निश्चित संख्यावाचक विशेषण
जो निश्चित संख्या बताते हैं।
उदाहरण
- दो बच्चे
- पाँच किताबें
- दस विद्यार्थी
(ख) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
जो निश्चित संख्या नहीं बताते।
उदाहरण
- कुछ लोग
- कई विद्यार्थी
- अनेक पेड़
(ग) क्रमवाचक विशेषण
जो क्रम का बोध कराते हैं।
उदाहरण
- पहला स्थान
- दूसरा अध्याय
- तीसरी मंजिल
वाक्य
- मेरे पास चार पेन हैं।
- कई लोग समारोह में आए।
- वह दौड़ में पहले स्थान पर आया।
3. परिमाणवाचक विशेषण
जो विशेषण किसी वस्तु या पदार्थ की मात्रा बताते हैं, उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
इनका प्रयोग उन वस्तुओं के साथ होता है जिन्हें गिना नहीं जा सकता बल्कि मापा जाता है।
उदाहरण
- थोड़ा पानी
- अधिक दूध
- कम चीनी
- पर्याप्त भोजन
- पूरा तेल
वाक्य
- गिलास में थोड़ा पानी बचा है।
- हमें पर्याप्त भोजन करना चाहिए।
- चाय में कम चीनी डालो।
ध्यान दें कि पानी, दूध और चीनी को संख्या में नहीं बल्कि मात्रा में व्यक्त किया जाता है।
4. सार्वनामिक विशेषण
जो सर्वनाम संज्ञा के साथ प्रयोग होकर उसकी विशेषता बताते हैं, उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।
उदाहरण
- यह पुस्तक
- वह लड़का
- कौन व्यक्ति
- कोई विद्यार्थी
- प्रत्येक छात्र
वाक्य
- यह घर बहुत सुंदर है।
- उस बच्चे ने पुरस्कार जीता।
- प्रत्येक विद्यार्थी को मेहनत करनी चाहिए।
यहाँ यह, उस और प्रत्येक संज्ञा की विशेषता बता रहे हैं।
विशेषण के उदाहरण – Visheshan Ke Udaharan
नीचे विशेषण (Visheshan) के उदाहरण दिए गए हैं।
| विशेषण | संज्ञा |
| सुंदर | फूल |
| मीठा | आम |
| लंबा | पेड़ |
| छोटा | बच्चा |
| बड़ा | घर |
| ठंडा | पानी |
| गर्म | दूध |
| तेज | हवा |
| हरा | पेड़ |
| नीला | आकाश |
| पाँच | विद्यार्थी |
| तीन | किताबें |
| कुछ | लोग |
| अधिक | पानी |
| कम | चीनी |
विशेषण वाले वाक्य
विशेषण को अच्छी तरह समझने के लिए इन वाक्यों को पढ़ें।
- राम एक अच्छा छात्र है।
- यह सुंदर मंदिर है।
- मेरे पास दो मोबाइल हैं।
- बगीचे में हरे पेड़ लगे हैं।
- उसने थोड़ा दूध पिया।
- आज मौसम सुहावना है।
- रीना ने नई साड़ी खरीदी।
- यह पुराना मकान है।
- हमारे विद्यालय में सैकड़ों विद्यार्थी पढ़ते हैं।
- वह ईमानदार अधिकारी है।
विशेषण और संज्ञा में अंतर – Visheshan Aur Sangya Mein Antar
| विशेषण | संज्ञा |
| संज्ञा की विशेषता बताता है। | व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का नाम बताता है। |
| अकेले पूर्ण अर्थ नहीं देता। | स्वतंत्र रूप से अर्थ देता है। |
| संज्ञा या सर्वनाम के साथ प्रयोग होता है। | वाक्य का मुख्य नाम होता है। |
उदाहरण
- सुंदर फूल
यहाँ फूल संज्ञा है जबकि सुंदर विशेषण है।
Visheshan Aur Sarvnam Mein Antar – विशेषण और सर्वनाम में अंतर
| विशेषण | सर्वनाम |
| संज्ञा की विशेषता बताता है। | संज्ञा के स्थान पर आता है। |
| संज्ञा के साथ प्रयोग होता है। | संज्ञा का स्थान लेता है। |
उदाहरण
- यह पुस्तक मेरी है। (यह = सार्वनामिक विशेषण)
- यह मेरी है। (यह = सर्वनाम)
विशेषण का महत्व – Visheshan Ka Mahatva
विशेषण भाषा को अधिक प्रभावशाली और स्पष्ट बनाते हैं। इनके बिना वाक्यों में आकर्षण कम हो जाता है।
विशेषण का महत्व निम्न क्षेत्रों में देखा जा सकता है।
- विद्यालयी शिक्षा में
- प्रतियोगी परीक्षाओं में
- निबंध लेखन में
- कहानी लेखन में
- कविता और साहित्य में
- दैनिक बातचीत में
- भाषण और प्रस्तुति में
उदाहरण के लिए “पेड़ खड़ा है” की अपेक्षा “हरा-भरा पेड़ खड़ा है” अधिक प्रभावशाली लगता है।
विशेषण याद रखने की आसान ट्रिक
यदि कोई शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम के बारे में यह बताए कि वह कैसा है, कितना है, कितने हैं, कौन-सा है या किस प्रकार का है, तो वह विशेषण कहलाता है।
इसे याद रखने का आसान सूत्र है—
कैसा + कितना + कितने + कौन-सा = विशेषण
अभ्यास प्रश्न
रिक्त स्थान भरिए
- राम ______ लड़का है।
- मेरे पास ______ किताबें हैं।
- गिलास में ______ पानी है।
- यह ______ विद्यालय है।
- बगीचे में ______ फूल खिले हैं।
विशेषण पहचानिए
- सीता ने लाल साड़ी पहनी है।
- आज मौसम बहुत अच्छा है।
- मेरे पास पाँच पेन हैं।
- यह पुराना मकान है।
- कुछ बच्चे खेल रहे हैं।
उत्तर
रिक्त स्थानों के संभावित उत्तर
- अच्छा
- तीन
- थोड़ा
- बड़ा
- सुंदर
विशेषण
- लाल
- अच्छा
- पाँच
- पुराना
- कुछ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. विशेषण किसे कहते हैं?
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता, गुण, संख्या, मात्रा या अवस्था बताते हैं, उन्हें विशेषण (Visheshan) कहते हैं।
2. विशेषण के कितने भेद होते हैं?
मुख्य रूप से विशेषण के चार भेद होते हैं—गुणवाचक, संख्यावाचक, परिमाणवाचक और सार्वनामिक विशेषण।
3. विशेषण की पहचान कैसे करें?
यदि कोई शब्द संज्ञा या सर्वनाम के बारे में गुण, संख्या, मात्रा या विशेषता बताए, तो वह विशेषण (Visheshan) होता है।
4. गुणवाचक विशेषण क्या है?
जो विशेषण किसी व्यक्ति या वस्तु के गुण, रंग, आकार, स्वभाव या अवस्था का बोध कराए, उसे गुणवाचक विशेषण कहते हैं।
5. विशेषण के 10 उदाहरण लिखिए।
सुंदर, बड़ा, छोटा, मीठा, लंबा, हरा, ठंडा, तेज, ईमानदार और बुद्धिमान विशेषण के सामान्य उदाहरण हैं।
